क्या खत्म हो गया संजू सैमसन का इंतजार
लंदन। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में लगातार बाहर बैठाए जाने और जिम्बाब्वे दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। क्रिकेट प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या टीम इंडिया के दरवाजे अब उनके लिए बंद हो चुके हैं? इन तमाम चर्चाओं के बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऐसा बयान दिया है, जिसने इस बहस को नया मोड़ दे दिया।

‘संजू को सब कुछ साफ-साफ बता दिया गया’
तीसरे टी-20 में भारत की 125 रन की हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह सैमसन से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर चुके हैं और उन्हें टीम प्रबंधन की सोच और उनकी भूमिका के बारे में पूरी स्पष्टता दे दी गई है। हालांकि गंभीर ने बातचीत का विवरण सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि यह कोच और खिलाड़ी के बीच का निजी मामला है।
वापसी के रास्ते अभी भी खुले
गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि संजू सैमसन के लिए टीम इंडिया के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि सैमसन ने भारत के लिए, खासकर टी-20 विश्व कप के दौरान, शानदार योगदान दिया है और टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं कर रहा। हालांकि मौजूदा समय में चयन खिलाड़ियों की वर्तमान फॉर्म और टीम के संतुलन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस सीरीज में भी उनकी वापसी संभव है।
वैभव सूर्यवंशी को मिला मौका
संजू सैमसन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबलों में 5, 0 और 1 रन ही बना सके थे। इसके बाद टीम प्रबंधन ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने का फैसला किया। वहीं जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चयनकर्ताओं ने प्रभसिमरन सिंह पर भरोसा जताया, जिन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन ही तय करेगा भविष्य
गौतम गंभीर ने साफ शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का चयन केवल नाम या पुराने प्रदर्शन के आधार पर नहीं हो सकता। टीम वही संयोजन चुनती है जो उसे जीत दिलाने की सबसे ज्यादा संभावना रखता हो। उन्होंने दोहराया कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह लगातार प्रदर्शन के दम पर बनाए रखनी होती है।
गंभीर के बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि संजू सैमसन का अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ है। फिलहाल उन्हें टीम से बाहर रखा गया है, लेकिन यदि उनकी फॉर्म में सुधार होता है और टीम को उनकी जरूरत महसूस होती है, तो वापसी का रास्ता खुला है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि संजू घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से एक बार फिर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का भरोसा जीत पाते हैं या नहीं।

