राजधानी लखनऊ में सीएम योगी की नाराजगी के बाद नगर निगम ऐक्शन में आ गया है। तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। दो की सेवा समाप्त क दी गई है। जोनल सेनेटरी अफसर, सफाई एवं फूड इंस्पेक्टर और जूनियर इंजीनियर को कारण
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद नगर निगम ने गोमती नगर क्षेत्र में गंदगी मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार देर रात तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया जबकि दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा जोनल सेनेटरी अफसर, सफाई एवं फूड इंस्पेक्टर और जूनियर इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शहर के बड़े हिस्से में सफाई का जिम्मा संभालने वाली लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी (रामकी) पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो नवंबर को गोमती नगर स्थित चंदन हॉस्पिटल गए थे। इस दौरान उनके आने-जाने वाले रास्ते में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर मिले थे। राजधानी की सफाई व्यवस्था की इस बदहाल तस्वीर पर मुख्यमंत्री ने तीन नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की कवायद शुरू हुई।
सफाई सुपरवाइजर समेत तीन निलंबित
नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए सफाई सुपरवाइजर प्रेम, माली शुभम रावत और एक अन्य सफाई कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। वहीं लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी के दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सफाई व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में सफाई एवं फूड इंस्पेक्टर राकेश और जोनल सेनेटरी अफसर पंकज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सड़कों की बदहाली पर जेई से जवाब तलब
गोमती नगर क्षेत्र में सड़कों की बदहाली के मामले में जूनियर इंजीनियर अपूर्व पांडेय को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नगर निगम ने साफ किया है कि सफाई के साथ ही सड़क व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
रामकी कंपनी पर लगाया 15 लाख का जुर्माना
गोमती नगर समेत शहर के बड़े हिस्से में सफाई का काम करने वाली लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी यानी रामकी पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी की ओर से सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने को इसका आधार बनाया गया है। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने देर रात बताया कि क्षेत्र में गंदगी मिलने और सफाई व्यवस्था में लापरवाही के मामले में संबंधित कर्मचारियों, अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आठों जोनों में चला विशेष सफाई अभियान
चार नवंबर को नगर निगम ने सभी आठ जोनों में वृहद सफाई अभियान शुरू कराया। अधिकारियों को कूड़ा उठान, खाली प्लॉटों की सफाई और सड़क किनारे जमा कचरा हटाने के निर्देश दिए गए। हालांकि नगर निगम के पास जरूरत के मुकाबले आधे कर्मचारी भी नहीं हैं।
शिकायतों का अंबार
सफाई को लेकर कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील तिवारी पम्मी ने पिछले सप्ताह रामकी कंपनी को हटाने की मांग की है। सपा के वरिष्ठ पार्षद सैयद यावर हुसैन रेसू और सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग भी कंपनी की कार्यशैली पर नाराजगी जता चुके हैं व हटाने के लिए पत्र लिख चुके हैं।
कमिश्नर से नगर निगम के अधिकारी तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से लेकर नगर निगम के अधिकारियों तक को सफाई व्यवस्था में लापरवाही के लिए कहा। इसके बाद कमिश्नर विजय विश्वास पंत रात में विजयंतखण्ड और चंदन हॉस्पिटल के आसपास निरीक्षण करने पहुंच गए। नगर निगम के अधिकारी पूरी रात सफाई व्यवस्था सुधारने में जुटे रहे।

