स्वास्थ्य विभाग में लगातार लापरवाही कर रहे डॉक्टरों और आशा वर्करों के खिलाफ बड़ा ऐक्शन शुरू हो गया है। 31 डॉक्टरों, 30 आशा वर्करों और एक सफाई कर्मचारी को नौकरी से निकालने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बाराबंकी, संवाददाता। यूपी के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। नियुक्ति के बाद बिना किसी सूचना के लंबे समय से गायब रहने, सरकारी कार्यों में सहयोग न करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ऐसे चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर बड़ा एक्शन लेने जा रहा है। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर नोटिस जारी की गई, लेकिन उसके बाद भी न तो वह ड्यूटी पर आए और न ही कोई जवाब दिया। ऐसे 31 डॉक्टरों, 30 आशा वर्करों और एक चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में सीएमओ ने शासन को पत्र भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इनकी सभी लोगों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इसका एक पत्र जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
बीते अप्रैल से सितंबर तक 13 ब्लॉकों में 30 आशा कार्यकर्ता ऐसी मिलीं जो कार्य नहीं कर रही थीं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक नहीं पहुंची और कई अभियानों की प्रगति खराब हुई। ऐसे में इन चिन्हित कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर कार्य में सुधार का मौका दिया गया। लेकिन किसी ने भी नोटिस का जवाब तक नहीं दिया और कार्य भी नहीं शुरू किया। अब इनकी सेवा समाप्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
चार डॉक्टरों ने नौकरी से दिया इस्तीफा
वहीं, जिले में तैनात रहे चार डॉक्टरों ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। इनमें डॉ. गौरी विश्वास, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. वीपी मौर्य व डॉ. अरुण कुमार यादव शामिल हैं। हालांकि इनका त्यागपत्र शासन से अभी स्वीकार नहीं किया गया है। जानकारों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही और इस्तीफे के पीछे निजी अस्पतालों से बढ़िया आफर को कारण माना जा रहा है।
इन आशा कार्यकर्ताओं पर ऐक्शन
इन आशा कार्यकर्ताओं में कृष्णनपुरवा की ज्योति, कमियार की रामादेवी, बड़ेल की सुशीला वर्मा, मीरापुर की सीमा यादव, सनावां की आरती सिंह, बाबागंज की प्रीती, जरुवा की आशा शर्मा, लंगोहटा की मंजू मिश्रा, हरक्का की सरस्वती, बीकेपुर की विजय कुमारी, फरूपुर की राकेश कुमारी, करंद की विमला देवी, पीरपुर की सरोजनी, जुगुनियाडीह की शीला देवी, गतौना की सुधा सिंह, सिरसा की मंजू सिंह, मंसारा की कविता, बहादुरनगर की शिव कुमारी, बंकी की रीता सिंह, सनौली की श्रीमती, जरौली की गीता शुक्ला, बासूपुर की रेनू सिंह, डुल्लमपुर की ऊषा पाण्डेय, इमामगंज की राजकुमारी, पूरेशुक्लन की उर्मिला, जमदावां की सुशीला, देवखरिया की संगम देवी, पटना की सुनीता देवी व अनूपगंज की रंजो सिंह शामिल हैं।

