राहुल कुमार वर्मा, युवा मीडिया
कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
सुल्तानपुर। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के ऐंजर गांव स्थित पूरे हनुमान दूबे में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शनिवार को देर शाम पंडित मनीष शुक्ला ने श्रीकृष्ण रासलीला की दिव्य व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।पंडित शुक्ला ने प्रवचन में कहा कि श्रीकृष्ण की रासलीला जीव के शिव से मिलन की कथा है।
यह कथा कामवासनाओं को नहीं,बल्कि उन पर विजय पाने की प्रेरणा देती है। कामदेव ने जब संपूर्ण शक्ति से भगवान पर आक्रमण किया,तो वे अंततः भस्म हो गए। रासलीला को सांसारिक दृष्टिकोण से देखना पाप है। कथा में बताया गया कि जब तक जीव अभिमान में रहता है,भगवान उससे दूर रहते हैं,लेकिन विरह में तड़पते हुए प्रेम में लीन जीव को भगवान दर्शन देते हैं।उन्होंने श्रीकृष्ण के रुक्मिणी विवाह का भी सुंदर वर्णन किया और बताया कि कैसे रुक्मिणी,जो लक्ष्मी स्वरूपा थीं,नारायण से अलग नहीं रह सकती थीं।

कथा का संदेश था कि यदि धन (लक्ष्मी) का सद्कार्यों में उपयोग हो, तो उसका फल सार्थक होता है, अन्यथा वह नष्ट हो जाता है।कथा में श्रीकृष्ण के अन्य विवाहों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजन-कीर्तन में लीन रहे।इस अवसर पर पूर्व विधायक देवमणि दूबे,
भाजपा नेता कृपाशंकर मिश्रा, दिलीप सिंह, कुलभद्र सिंह, प्रधान राजेश दूबे, डॉ. राकेश, राम उचित दूबे, चन्द्रनाथ पाण्डेय, राजेंद्र प्रसाद दूबे, अशोक दूबे, बिकास दूबे, ब्लास्टर तिवारी, बालगोविंद, राजकरण, आलोक, अंकित दूबे, सुधाकर शुक्ला, अभिनाश आलोक दूबे, धर्मेंद्र, अजय प्रकाश, लवकुश, उमेश सिंह, रवि दूबे, सर्वेश, विकास तिवारी आदि की उपस्थिति रही।कथा के अंत में मुख्य यजमान जनार्दन दुबे व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बेला रानी दुबे तथा विकास दूबे ने व्यासपीठ की आरती उतारी। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट किया गया।


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