सीएम योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना दिवाली के उस कागज वाले राकेट से की जो माचिस लगाने के बाद भी उड़ता नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि राहुल गांधी का धुंआ निकल चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। सीएम योगी ने राहुल गांधी को दिवाली का फुस्स राकेट बताते हुए कहा कि उनका धुंआ निकल चुका है। बार-बार कांग्रेस उन्हें लांच करने की कोशिश कर रही है लेकिन बार-बार फेल हो रही है। कांग्रेस और राहुल गांधी की तुलना बार-बार परीक्षा में फेल हो रहे गांव के उस लड़के से भी की जो हर बार फेल होने पर घर वालों को नया बहाना बताता है। सीएम योगी गोरखपुर में लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा से पहले जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस आज असमंजस की स्थिति में है। तमिलनाडु में हारती है तो मौन हो जाती है। वहां पूरा गठबंधन ही हार जाता है। गठबंधन को ही छोड़ देती है क्योंकि इनका कोई सगा नहीं है। हार भी इतनी बार हुई कि अब तो हार भी कांग्रेस से पूछती है कि बार-बार की हार का दोष ईवीएम के बाद किस पर फोड़ने जा रहे हो।
सीएम योगी ने राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए गांव के बार-बार फेल हो रहे एक लड़के की कहानी भी सुनाई। कहा कि पहली बार जब रिजल्ट वाले दिन लड़के से परिवार वाले पूछते हैं कि क्या हुआ तो बताता है कि हम परीक्षा दे दिए थे मास्टर साहब कापी गायब कर दिए। अगले साल कहता है कि पेपर सेलेबस के बाहर का आ गया था। तीसरे साल कहता है पेन की स्याही खत्म हो गई थी। चौथी बार कहता है कि पेपर देने बैठा तो बगल वाला लड़का इतनी तेजी से लिख रहा था कि मैं घबरा गया, उससे लिख नहीं पाया। यानी हर बार कोई नया बहाना बनाता है।
गांव के लड़के की तरह कांग्रेस की हालत हो गई है। 2014, 2017, 2019, 2022, 2024 लगातार भाजपा जीत रही है और कांग्रेस लगातार हार रही है। यह लोग कभी कुछ तो कभी कुछ हार का बहाना खोजते हैं। सच्चाई यह है कि कांग्रेस की नकारात्मकता के कारण जनता इन्हें बार-बार खारिज कर रही है।
आश्चर्य होता है कि जीतते हैं तो अपनी होशियारी, अपना पुरुषार्थ दिखाते हैं। हार गए तो कमल दोषी, ईवीएम दोषी, संविधानिक संस्थाएं दोषी और अब तो लोकतंत्र पर खतरा दिखाई देने लगा है। सीएम योगी ने कहा कि आश्चर्य हो रहा है कि कांग्रेस कितनी बार राहुल गांधी को लांच करेगी। राहुल गांधी को देखकर दिवाली का कागज वाला राकेट याद आता है। जैसे दिवाली के कुछ राकेट ऐसे होते हैं, जिन्हें माचिस लगाई तो वह उड़ता नहीं है। लोग आसमान की तरफ देखते हैं लेकिन राकेट का धुंआ वहीं निकल जाता है, वह जमीन पर ही बुझ जाता है। राहुल गांधी की भी यही स्थिति है। धुंआ निकल चुका है। वह ऐसे राकेट हो चुके हैं जिसका बारूद पहले ही समाप्त हो गया है। कांग्रेस जैसे ही इन्हें लांच करती है, यह फुस्स हो जाते है।
योगी ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस ने कितनी बार लांच किया है। 2004 में सांसद बनाकर, 2007 में महासचिव बनाकर, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर, 2017 में अध्यक्ष बनाकर लांच किया गया। अध्यक्ष बनने की उपलब्धि यह थी कि 2019 में अमेठी से लोकसभा का चुनाव ही हार गए। उसके बाद उन्हें लांच करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई। वह भी कागज के राकेट की तरह फुस्स हो गई। उसके बाद न्याय यात्रा, अधिकार यात्रा निकली लेकिन दोनों ही फुस्स हो गईं।
योगी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी 56 वर्ष के हो गए हैं लेकिन अब भी वह युवा हैं। अब यह युवा लांच नहीं होने वाला है। यह अपनी युवावस्था को पहले ही लांघ चुका है। कहा कि भरोसा जीतने के लिए कार्य किया जाता है, कारनामे नहीं, बहाना नहीं किए जाते। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हमेशा कारनामे किए हैं। हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ते हैं।

