Sunday, February 1, 2026
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बजट 2026: दवाएं सस्ती, शिक्षा में नई योजनाएं , कुल बजट पर सस्पेंस

  • सरकार की कमाई ₹36.5 लाख करोड़, खर्च ₹53.5 लाख करोड़
  • स्वास्थ्य और शिक्षा में नई योजनाएं, बजट का पूरा आंकड़ा अब भी अस्पष्ट

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए सरकार की कमाई, खर्च और घाटे का पूरा खाका सामने रखा। इस बजट में सरकार ने जहां एक ओर राजकोषीय घाटा घटाने का लक्ष्य रखा है, वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़े खर्च की घोषणा की है। हालांकि आम आदमी को सीधे राहत देने वाले इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया।

सरकार ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी कुल कमाई ₹36.5 लाख करोड़ रहेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा टैक्स से आने वाली आय का होगा। अनुमान के मुताबिक टैक्स से सरकार को ₹28.7 लाख करोड़ की कमाई होगी, जबकि बाकी रकम नॉन-टैक्स रेवेन्यू जैसे डिविडेंड, सरकारी कंपनियों के मुनाफे और अन्य स्रोतों से आएगी।

डिफेंस और सोशल सेक्टर पर बड़ा खर्च

बज 2026 में रक्षा खर्च बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 15.2% ज्यादा है। इसके अलावा स्वास्थ्य, महिला शिक्षा, गर्ल्स हॉस्टल, आयुर्वेदिक AIIMS और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

स्वास्थ्य-शिक्षा में सुधारों पर जोर, कुल बजट राशि नहीं हुई सार्वजनिक

बजट 2026 में सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़े संरचनात्मक सुधारों पर जोर दिया है। स्वास्थ्य बजट में इलाज को सस्ता करने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं, जैसे कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को ड्यूटी फ्री करना, हालांकि इस सेक्टर के लिए कुल बजटीय आवंटन का स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया।


वहीं शिक्षा क्षेत्र में भी कुल बजट राशि का अंतिम आंकड़ा नहीं बताया गया, लेकिन स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल लर्निंग, कंटेंट क्रिएटर लैब्स और गर्ल्स हॉस्टल जैसी योजनाओं के जरिए छात्रों की सुविधाएं और रोजगार से जुड़ी शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

खर्च कमाई से ज्यादा, बाजार से लेना होगा कर्ज

सरकार का कुल खर्च 2026-27 में करीब ₹53.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। यानी खर्च कमाई से काफी ज्यादा है। इसी वजह से सरकार को बाजार से करीब ₹11.7 लाख करोड़ का कर्ज लेना पड़ेगा। इसके अलावा छोटी बचत योजनाओं से भी धन जुटाया जाएगा। बजट में सबसे ज्यादा जोर पूंजीगत खर्च यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया है। सरकार ने अगले साल करीब ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है, जिससे नए हाईवे, ब्रिज, रेलवे प्रोजेक्ट और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

पिछले साल का लेखा-जोखा

2025-26 में सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही थी, जिसमें ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए थे। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। इसमें से एक बड़ा हिस्सा रक्षा, पेंशन, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया गया।

बजट की 8 सबसे बड़ी घोषणाएं…

i. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

ii. कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री।

iii. डिफेंस बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़, यानी 15.2% की बढ़ोतरी। हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च होंगे, यानी 22% की बढ़ोतरी।

iv. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी।

v. 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बस के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।

vii. 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स बनाई जाएंगी।

viii. करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।ढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे।

vi. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विका

राजकोषीय घाटा घटाने की कोशिश

राजकोषीय घाटा सरकार की कमाई और खर्च के अंतर को दर्शाता है। सरकार ने बताया कि 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% रहा था, जिसे 2026-27 में घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य रखा गया है। यह संकेत देता है कि सरकार धीरे-धीरे वित्तीय अनुशासन की ओर बढ़ रही है।

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य 2030-31 तक देश का कुल कर्ज जीडीपी के 50% (±1%) के स्तर पर लाना है। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।

🛡️ रक्षा (Defence Budget) – सबसे बड़ा इज़ाफा

2025-26:

  • कुल रक्षा बजट: ₹6.81 लाख करोड़

  • हथियार खरीदी व आधुनिकीकरण: ₹1.80 लाख करोड़

2026-27:

  • कुल रक्षा बजट: ₹7.85 लाख करोड़

  • हथियार खरीदी व आधुनिकीकरण: ₹2.19 लाख करोड़

  • कुल रक्षा बजट में ₹1.04 लाख करोड़ की बढ़ोतरी

  • प्रतिशत बढ़ोतरी: 15.2%

  • पूंजीगत खर्च (आधुनिकीकरण) में 22% की बढ़ोतरी

👉 यह साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार की प्राथमिकता रक्षा रही है।


🏥 स्वास्थ्य (Health Budget) – राहत योजनाएं, लेकिन कुल आंकड़ा नहीं

⚠️ नोट: बजट 2026 में स्वास्थ्य मंत्रालय का कुल बजट आंकड़ा स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया, लेकिन कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

2026-27 की प्रमुख घोषणाएं:

  • 17 कैंसर दवाएं ड्यूटी फ्री (पहले 5% कस्टम ड्यूटी लगती थी)

  • 7 दुर्लभ बीमारियों (हीमोफीलिया, सिकल सेल आदि) की दवाएं भी ड्यूटी फ्री

  • 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाएंगे

  • बायो-फार्मा और आयुर्वेद सेक्टर के लिए

    • ₹10,000 करोड़ का निवेश

    • अगले 5 साल में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल तैयार करने का लक्ष्य

पिछले साल (2025-26):

  • आयुर्वेद/हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च था,

  • लेकिन इस साल दवाओं पर टैक्स छूट और आयुर्वेदिक AIIMS नया कदम है।

👉 यानी स्वास्थ्य बजट में संरचनात्मक सुधार और इलाज सस्ता करने पर फोकस, पर कुल रकम सार्वजनिक नहीं की गई।


🎓 शिक्षा (Education Budget) – स्किल और डिजिटल लर्निंग पर जोर

⚠️ यहाँ भी कुल शिक्षा बजट का फाइनल आंकड़ा नहीं बताया गया, लेकिन योजनाएं स्पष्ट हैं।

2026-27 की घोषणाएं:

  • 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स

  • 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स

  • लड़कियों की शिक्षा पर जोर:

    • करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल

  • STEM (Science, Tech, Engineering, Maths) में लड़कियों को प्राथमिकता

पिछले साल की तुलना:

  • पहले सामान्य डिजिटल/स्किल योजनाएं थीं

  • इस साल कंटेंट क्रिएशन, स्किल और गर्ल्स एजुकेशन पर ज्यादा फोकस दिखता है

👉 शिक्षा में रोजगार से जुड़ी स्किल और लड़कियों की भागीदारी को आगे बढ़ाया गया है।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह बजट खर्च और वित्तीय संतुलन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। घाटा कम करने के साथ-साथ विकास कार्यों पर निवेश जारी रखना सरकार की प्राथमिकता दिखाई देती है। हालांकि मध्यम वर्ग को टैक्स राहत न मिलने से निराशा भी देखी जा रही है।

कुल मिलाकर बजट 2026 में सरकार ने अपनी कमाई बढ़ाने, खर्च को रणनीतिक रूप से करने और घाटे को धीरे-धीरे नियंत्रित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

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5 COMMENTS

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