मंज़ूरुल हसन (राना) युवा मीडिया
लखनऊ।बिजली विभाग में कार्यक्षमता सुधारने के लिए लागू किए गए नए ‘वर्टिकल सिस्टम’ के बाद अब जवाबदेही और पारदर्शिता दिखने लगी है। अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) मुकेश त्यागी ने विभागीय प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 11 फरवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण (Resolution) और लंबित (Pending) मामलों का पूरा ब्यौरा दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नए कनेक्शन और सोलर पैनल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में विभाग तेजी से काम कर रहा है।
नए कनेक्शन और सोलर आवेदनों पर विशेष फोकस
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ताओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
नए कनेक्शन (New Connection)
विभाग को कुल 2707 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2258 का सफल निस्तारण किया जा चुका है। फिलहाल 449 मामले प्रक्रिया के अधीन हैं।
सोलर पैनल (Solar)
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत 2823 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2735 मामलों को सुलझा लिया गया है।
लोड प्रबंधन (Load)
बिजली भार बढ़ाने/घटाने से संबंधित 482 आवेदनों में से 479 का निपटारा कर दिया गया है, जो विभाग की उच्च सक्रियता को दर्शाता है।
कैटेगरी, प्रदर्शन और पेंडेंसी की स्थिति
वर्टिकल सिस्टम के तहत हर श्रेणी के काम की निगरानी की जा रही है।
बिल सुधार (COT & Correction)
1407 आवेदनों में से 1375 का निस्तारण हो चुका है, जबकि 32 मामले ‘अंडर प्रोसेस’ हैं।
चेक मीटर और T.C.: इस श्रेणी में विभाग ने शत-प्रतिशत परिणाम देते हुए सभी 71 मामलों का निपटारा कर दिया है।
निवेश मित्र और मल्टीपॉइंट
निवेश मित्र के तहत 17 में से 11 और मल्टीपॉइंट के 19 में से 16 आवेदन निस्तारित किए जा चुके हैं।
पेंडिंग मामलों पर सख्ती
रिपोर्ट में पेंडिंग केसों के कारणों का भी उल्लेख किया गया है। उदाहरण के तौर पर, P.D. श्रेणी के 555 आवेदनों में से 301 का निस्तारण हुआ है, जबकि 12 पेंडिंग हैं और 242 मामलों को मीटर सेक्शन भेजा गया है। इसी तरह LMV9 से LMV1 में बकाया (Dues) के कारण 24 मामले लंबित हैं।

