लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में सेंधमारी कर प्रश्न पत्र आउट कराने वाले गिरोह के दो वांछित सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गिरोह सरगना समेत अन्य सदस्य पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
11 फरवरी 2024 को प्रदेश के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की गयी थी परीक्षा
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा 11 फरवरी 2024 को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गयी थी।

परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिलने पर परीक्षा को निरस्त कर थाना सिविल लाइन प्रयागराज में केस दर्ज कर मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। पूर्व में गिरोह सरगना समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामले में वांछित चल रहे दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नमन शाम्बरी निवासी भोपाल मध्य प्रदेश व शाहिद सिद््दीकी निवासी मुगलसराय चन्दौली के रूप में हुई है।
10-12 लाख रुपए में बेचे गए पेपर
पूछताछ पर नमन शाम्बरी ने बताया कि राजीव नयन मिश्रा वर्ष-2014 से उसके घर के पड़ोस में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता था। वर्ष-2021 में मकान बदलकर भारत नगर में रहने लगा था। उसके माध्यम से इसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश से हुई थी। उन लोगों ने बताया था कि हम लोग परीक्षाओं का पेपर आउट कराते हैं। अगर हम लोग समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 के परीक्षा का पेपर आउट करा लेंगे तो तुमको भी देंगे।
बदले में तुम्हें 10-12 लाख रुपए की व्यवस्था करनी पड़ेगी। उसके बाद मेंस परीक्षा का भी पेपर देंगे। इस बात पर वह तैयार हो गया। इसके लिए कुछ पैसे इसने सुभाष प्रकाश के अकाउंट में ट्रांसफर किया था। नौ फरवरी 2024 को राजीव नयन मिश्रा और सुभाष प्रकाश ने उक्त परीक्षा का आउट पेपर व्हाट्सएप पर भेजे। परीक्षा में वही प्रश्न आए थे जो राजीव ने मोबाइल पर भेजा था। पेपर के कुछ दिनों बाद जानकारी हुई कि राजीव नयन मिश्रा और सुभाष प्रकाश तथा उनके साथियों को पुलिस ने पकड़ लिया। जिसके बाद यह अपने फोन से सब कुछ डिलीट कर दिया और छिपकर इधर उधर छिपकर रह रहा था।
होटल में ठहरा कर रटाया गया था प्रश्न पत्र
गिरफ्तार आरोपी शाहिद सिद््दीकी ने बताया कि उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश से वाराणसी में हुई थी। उसने बताया कि वह एडवांस के रूप में करीब एक लाख रुपए नकद और एक ब्लैंक चेक लिया था। उसने गारंटी के तौर पर हाई स्कूल, इन्टरमीडिएट तथा बीए की मार्कशीट आदि भी लिया था।

नौ फरवरी को सुबह 8.00 बजे वह भोपाल पहुंचा जहां से उसे होटल कमल पैलेस, आनंद नगर बुलाया। वहां पर सुभाष प्रकाश, विवेक उपाध्याय तथा अन्य बहुत सारे लड़के मौजूद थे, जो समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी 2023 का प्रश्न पत्र और हल प्रश्नोत्तर पढऩे आये थे। उसका परीक्षा केन्द्र केन्द्रीय विद्यालय चंदौली था। परीक्षा में वहीं प्रश्न आए थे जिसे होटल में रटाया गया था।


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